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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ या सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई (सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ) और इसका महतà¥à¤µ
In this Article
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ (सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लंबाई) कà¥à¤¯à¤¾ है?
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ या सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
कà¥à¤¯à¤¾ सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ का छोटा होना और सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल इनà¥à¤¸à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤à¤‚सी का आपस में संबंध है?
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कारक
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ कैसे मापी जाती है?
कà¥à¤¯à¤¾ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ को मापना जरूरी है?
शॉरà¥à¤Ÿ या छोटी सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ को ठीक करने के टिपà¥à¤¸
हर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला à¤à¤• हेलà¥à¤¦à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ चाहती है और सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई à¤à¥€ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाले कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤•ेशनà¥à¤¸ में à¤à¤• कारक हो सकती है। इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई और यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ को कैसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकती है इस बारे में जानकारी दी गई है, जानने के लिठपूरा लेख पà¥à¥‡à¤‚।
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ (सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लंबाई) कà¥à¤¯à¤¾ है?
सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ तीन सेंटीमीटर की à¤à¤• कैनाल होती है जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को वजायना से जोड़ती है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ (सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लंबाई) साधारण रूप से कैनाल की लंबाई होती है जिसमें सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल ओपनिंग à¤à¥€ शामिल है। बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकास के लिठगरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ à¤à¥€ उचित होनी चाहिà¤à¥¤
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ या सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी है?
à¤à¤• महिला के गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने तक सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ दृॠरहती है और à¤à¤• बार गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने के बाद इसकी मांसपेशियां कम हो जाती हैं और यह छोटी व पतली à¤à¥€ हो जाती है। इसे सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल à¤à¤«à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤¨à¥à¤Ÿ à¤à¥€ कहा जाता है जिसमें जनà¥à¤® के समय में बचà¥à¤šà¤¾ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैनाल के अंदर सही से आ सकता है। हालांकि यदि महिला की सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ बहà¥à¤¤ छोटी है तो उसे पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® डिलीवरी का खतरा होता है और बचà¥à¤šà¥‡ के पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° जनà¥à¤® के साथ कई कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन हो सकती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ का छोटा होना और सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल इनà¥à¤¸à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤à¤‚सी का आपस में संबंध है?
नहीं, सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ का छोटा होना और सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल इनà¥à¤¸à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤à¤‚सी अलग-अलग हैं। सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ का छोटा होना सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल कैनाल की लंबाई से संबंधित है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल इनà¥à¤¸à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤à¤‚सी पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल à¤à¤«à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤¨à¥à¤Ÿ और डायलेशन है जो मांसपेशियों के कमजोर व असà¥à¤¥à¤¿à¤° होने की वजह से होती है। सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल इनà¥à¤¸à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤à¤‚सी की वजह से सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ छोटी हो सकती है।
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कारक
सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई या सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ कई कारकों से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है, आइठजानें;
à¤à¤¨à¤¾à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€
कà¥à¤› महिलाओं में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से ही सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ छोटी होती है। उनका शरीर à¤à¤¸à¤¾ ही बना होता है।
विकृत गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯
à¤à¤•ाधिक गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से अधिक सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š होता है। यह नीचे की ओर सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ पर दबाव डालता है जिस वजह से इसकी लंबाई कम हो जाती है।
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल इनà¥à¤¸à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤à¤‚सी
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल इनà¥à¤¸à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤à¤‚सी या अबà¥à¤¨à¥‰à¤°à¥à¤®à¤² सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है जिसमें सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की मांसपेशियां मजबूत नहीं होती हैं और इससे सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ता है।
सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ कैसे मापी जाती है?
टà¥à¤°à¤¾à¤‚सवजायनल अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन की मदद से सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई मापी जा सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 24वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की लंबाई लगà¤à¤— 3.5 – 5 सेंटीमीटर तक होनी चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 28वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में इसकी लंबाई 3.5 – 4 सेंटीमीटर और 32वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ 3 – 3.5 सेंटीमीटर होनी चाहिà¤à¥¤ 2.5 सेंटीमीटर से छोटी सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ होने के कारण पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® जनà¥à¤® हो सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ को मापना जरूरी है?
यदि महिला की à¤à¤•ाधिक गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ है या उसकी पहले à¤à¥€ पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलीवरी और मिसकैरेज हो चà¥à¤•ा है तो à¤à¤¸à¥‡ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° अकà¥à¤¸à¤° सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ जांचने के लिठअलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाने की सलाह देते हैं।
शॉरà¥à¤Ÿ या छोटी सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ को ठीक करने के टिपà¥à¤¸
यदि सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ बहà¥à¤¤ छोटी है तो आपको निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित उपाय करने चाहिà¤, आइठजानें;
1. पूरà¥à¤£ आराम
इस दौरान आपको पूरà¥à¤£ आराम यानि बेड रेसà¥à¤Ÿ करना चाहिà¤à¥¤ लेटने से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ और बचà¥à¤šà¥‡ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ पर दबाव कम पड़ता है जिस वजह से इसमें कà¥à¤·à¤¤à¤¿ जलà¥à¤¦à¥€ नहीं होती है।
2. सरकà¥à¤²à¥‡à¤œ
यह à¤à¤• माइनर सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती है जिसमें डॉकà¥à¤Ÿà¤° सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ को बंद करने के लिठकà¥à¤› टांके लगाते हैं। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जलà¥à¤¦à¥€ हो जाती है और इसमें महिला को पहले à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ दिया जाता है। यह अकà¥à¤¸à¤° उन महिलाओं के लिठकिया जाता है जिनकी पहले à¤à¥€ पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® डिलीवरी हो चà¥à¤•ी है। कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤° का मानना है कि सरकà¥à¤²à¥‡à¤œ से इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ और सूजन की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है पर इसे दवाओं से ठीक किया जा सकता है।
3. हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ का टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट
इस उपचार में डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ को सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ की जगह पर रखते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ की मदद से गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ को आराम मिलता है।
4. पेसरी
सरà¥à¤µà¤¿à¤•à¥à¤¸ को काफी हद तक बंद रखने और सपोरà¥à¤Ÿ के लिठसिलिकॉन डिवाइस का उपयोग किया जाता है जिसे पेसरी कहते हैं।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर में हो रहे बदलावों के बारे में आपको पता होना जरूरी है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥€ है इसलिठइसके बारे में जानकारी रखना जरूरी है। यदि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लेंथ के बारे में आपको और अधिक जानना है तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह ले सकती हैं।
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